विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण नेपाल और तिब्बत में हाल ही में आई बाढ़ जैसी आपदाएँ अधिक आम हो सकती हैं। इस क्षेत्र के ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। वैज्ञानिक बताते हैं कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण पहाड़ों पर बर्फ का पिघलना बढ़ रहा है। इस स्थिति से नदियों में पानी का स्तर अचानक बढ़ जाता है, जिसके परिणामस्वरूप विनाशकारी बाढ़ आ सकती है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। विशेषज्ञ जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और आपदा प्रबंधन योजनाओं को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। समुदायों को भी जोखिमों के बारे में जागरूक करने और तैयारी करने की आवश्यकता है।

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