तिब्बत में एक झील के टूटने के कारण नेपाल में फिर से बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है, जिसके चलते नेपाल ने बचाव कार्यों को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह झील का टूटना संकुचन झील (glacial lake) के कारण हुआ है और इसने निचले इलाकों में पानी के स्तर को खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा दिया है। नेपाल सरकार ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है और स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रही है। बाढ़ से संभावित नुकसान को कम करने के लिए आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। बचाव दलों को उच्च सतर्कता पर रखा गया है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। स्थिति सामान्य होने के बाद बचाव कार्य फिर से शुरू कर दिए जाएंगे। यह घटना जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियरों के पिघलने की गंभीरता को उजागर करती है।