नेपाल और चीन के अधिकारियों ने तीन महीने पहले बाढ़, मौसम और ग्लेशियर संबंधी खतरों की निगरानी और प्रतिक्रिया के लिए सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की थी। यह जानकारी नेपाली पक्ष द्वारा तैयार किए गए एक एजेंडे से सामने आई है, जिसे रॉयटर्स ने देखा है। चर्चा तब हुई जब बाढ़ का खतरा बढ़ रहा था। नेपाल ने चीन से बाढ़ आने से पहले की चेतावनी देने का अनुरोध किया था, ताकि संभावित आपदा से बचा जा सके। यह सहयोग दोनों देशों के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से था। एजेंडे में आपदा प्रबंधन और जोखिम कम करने के उपायों पर भी बात हुई थी। इस घटनाक्रम से पता चलता है कि नेपाल ने बाढ़ की संभावना को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की थी।