नेपाल में एक स्कूल के प्रधानाचार्य ने अंतिम क्षण में बाढ़ की चेतावनी मिलने पर छात्रों को सुरक्षित निकालने का कार्य किया, जिससे ९०० से अधिक छात्रों की जान बच गई। प्रधानाचार्य के त्वरित निर्णय लेने के कारण यह संभव हो सका। बाढ़ के पानी ने स्कूल को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है, और अब वह मौजूद नहीं है। यह घटना बाढ़ की पूर्व चेतावनी प्रणाली के महत्व को दर्शाती है। छात्रों की जान बचाने के लिए प्रधानाचार्य की बहादुरी की प्रशंसा की जा रही है। इस घटना ने नेपाल में आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल के नष्ट होने से छात्रों की शिक्षा बाधित होगी, जिसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की आवश्यकता है। यह एक हृदयविदारक घटना है, लेकिन समय पर कार्रवाई से एक बड़ी त्रासदी टल गई।