नेपाल में एक स्कूल के प्रधानाचार्य, राजेंद्र दावादी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपने स्कूल के ९०० छात्रों को बाढ़ से पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उन्हें नदियों में जलस्तर बढ़ने की चेतावनी मिली थी जिसके बाद उन्होंने तुरंत बच्चों को निकालने का फैसला लिया। यदि प्रधानाचार्य ने समय पर निर्णय नहीं लिया होता, तो छात्रों को गंभीर खतरा हो सकता था। दावादी की तत्परता और समझदारी से सैकड़ों बच्चों की जान बच गई। यह घटना प्राकृतिक आपदा के समय त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया के महत्व को दर्शाती है। स्थानीय अधिकारियों ने भी प्रधानाचार्य के साहस और समर्पण की सराहना की है। यह एक सराहनीय उदाहरण है जो दूसरों को भी प्रेरित कर सकता है।