नेपाल सरकार ने विदेशी बचाव टीमों की सहायता की पेशकश को अस्वीकार कर दिया है। सरकार का कहना है कि उसके अपने सुरक्षा एजेंसियां राहत और बचाव कार्यों को संभालने में पूरी तरह से सक्षम हैं। हालांकि, सरकार ने विदेशी सहायता को प्रधानमंत्री राहत कोष के माध्यम से स्वीकार करने की बात कही है। इसका मतलब है कि नेपाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए तैयार है, लेकिन बाहरी बचाव कर्मियों को सीधे तौर पर प्रवेश नहीं देने का निर्णय लिया है। यह निर्णय नेपाल की आत्मनिर्भरता और अपनी आपदा प्रबंधन क्षमताओं पर भरोसा दर्शाता है। सरकार विदेशी सहायता के समन्वय के लिए अपने सभी राजनयिक मिशनों को भी सक्रिय कर रही है। प्रधानमंत्री राहत कोष के माध्यम से सहायता राशि का उचित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।