नेपाल ने वैश्विक स्तर पर उर्वरक की कीमतों में गिरावट आने और खरीद रणनीति में बदलाव के कारण भारत से उर्वरक आयात की योजना को घटाकर 50,000 टन कर दिया है। पहले नेपाल सरकार भारत से अधिक मात्रा में उर्वरक आयात करने की योजना बना रही थी। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब धान की रोपाई का मौसम चरम पर है और किसानों को उर्वरक की उपलब्धता को लेकर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कीमतों में नरमी के बावजूद, किसानों पर दबाव बना हुआ है। नेपाल सरकार अब बाजार की स्थितियों के अनुसार अपनी उर्वरक आपूर्ति रणनीति को समायोजित कर रही है। यह कदम देश में उर्वरक की मांग और आपूर्ति को संतुलित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। उम्मीद है कि इससे नेपाल को उर्वरक की खरीद पर लागत कम करने में मदद मिलेगी।