नेपाल को १३वीं से २०वीं शताब्दी तक के ८०० ऐतिहासिक दस्तावेज़ वापस मिले हैं। इन दस्तावेज़ों में शाही फरमान, कानूनी अभिलेख, अदालती कागजात, पांडुलिपियाँ और यात्रा वृत्तांत शामिल हैं। यह संग्रह देश की समृद्ध विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जुद्धा शमशेर के भाषण और मल्ल युग की पांडुलिपियाँ इस संग्रह में प्रमुख हैं। इन दस्तावेजों की वापसी से नेपाल के इतिहास और संस्कृति के अध्ययन में मदद मिलेगी। यह नेपाल के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उपलब्धि है, जो देश के अतीत को संरक्षित करने में सहायक होगा। इन ऐतिहासिक दस्तावेजों को सुरक्षित रखा जाएगा और जनता के लिए प्रदर्शित किया जाएगा।