प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह को डॉक्टरों ने तेज रोशनी से अपनी आंखों को बचाने के लिए धूप का चश्मा पहनने की सलाह दी है। यह सलाह उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए दी गई है। वहीं, संसद ने सांसदों को सदन के अंदर काले चश्मे पहनने से प्रतिबंधित कर दिया है। इस विरोधाभास के कारण सवाल उठ रहे हैं कि प्रधानमंत्री को विशेष अनुमति क्यों दी गई है। सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री को चिकित्सा आधार पर छूट दी गई है, जबकि संसद का नियम सभी सदस्यों पर समान रूप से लागू होता है। यह निर्णय संसद में पारदर्शिता और नियमों के पालन से जुड़ा हुआ है। इस मामले ने राजनीतिक हलचलों को जन्म दे दिया है और विपक्ष ने सरकार के इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।