नेपाल सरकार ने संक्रमणकालीन न्याय आयोगों में पदाधिकारियों की नियुक्ति में हो रही देरी का हवाला देते हुए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत डुहेम के जून दौरे को स्थगित कर दिया है। सरकार का कहना है कि नियुक्तियों के अभाव में दौरे को आयोजित करना संभव नहीं था। हालांकि, रिक्त पदों को भरने की दिशा में सरकार ने अभी तक कोई खास प्रगति नहीं की है। इस फैसले से नेपाल में संक्रमणकालीन न्याय प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। डुहेम का दौरा नेपाल में मानवाधिकारों की स्थिति और न्याय प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा था। नियुक्ति प्रक्रिया में देरी के कारण पीड़ितों को न्याय मिलने में और विलंब हो सकता है। इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर है।