सुनसरी के देवांगंज में हाल ही में हुई घातक झड़पों के तीन दिन बाद भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। स्थानीय निवासियों और विपक्षी नेताओं ने सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जहाँ कर्फ्यू और भारी सुरक्षा बल अभी भी तैनात हैं। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के हिंसा प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने पर विशेष रूप से आलोचना हो रही है। आलोचकों का तर्क है कि उनकी अनुपस्थिति ने संकट को और बढ़ा दिया है तथा पीड़ितों को सरकार की ओर से समर्थन का अभाव महसूस हो रहा है। विपक्षी दलों ने सरकार पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने का दबाव बनाया है। स्थिति सामान्य होने में देरी के कारण लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। सरकार से उम्मीद है कि वह स्थिति को संभालने और प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाएगी।

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