प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने नव नियुक्त कुलपति को वंचित और प्रतिभाशाली छात्रों के लिए मुफ्त छात्रवृत्ति अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्देश दिया है। उन्होंने विश्वविद्यालयों में राजनीतिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने को भी कहा है। यह निर्देश सभी विश्वविद्यालयों में समान रूप से लागू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य शिक्षा में समानता लाना है। सरकार का मानना है कि योग्य छात्रों को वित्तीय बाधाओं के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। इस कदम से शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक हस्तक्षेप कम होने की उम्मीद है, जिससे छात्रों का ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रहेगा। छात्रवृत्ति कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना है। यह पहल उच्च शिक्षा में सुशासन और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।