नेपाल के भारतीय क्षेत्र में अतिक्रमण पर प्रधानमंत्री के वक्तव्य के बाद, विपक्षी सांसदों ने लगातार प्रधानमंत्री से जवाब देने की मांग की थी। स्पीकर ने इस मांग को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री शाह को सदन में उपस्थित होकर सवालों का जवाब देने का अभूतपूर्व निर्देश दिया है। यह पहली बार है जब किसी स्पीकर ने प्रधानमंत्री को इस तरह का निर्देश दिया है। यह कदम विपक्षी दलों के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है, जो प्रधानमंत्री से जवाबदेही की मांग कर रहे थे। सरकार अब इस मुद्दे पर अपनी रणनीति बनाने में जुट गई है। इस फैसले से संसद में राजनीतिक माहौल गरमा सकता है। यह निर्देश नेपाल-भारत संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है।