नेपाल सरकार ने संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और विभिन्न देशों के राजनयिक मिशनों में काम करने वाले स्थानीय कर्मचारियों, सलाहकारों और अस्थायी कर्मचारियों पर कर लगाने का निर्णय लिया है। यह नया नियम उन कर्मचारियों पर लागू होगा जिनके पास राजनयिक दर्जा नहीं है। सरकार का यह कदम राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। पहले, इन कर्मचारियों को कर से छूट प्राप्त थी, लेकिन अब उन्हें नेपाली कर कानूनों के अनुसार कर का भुगतान करना होगा। इस फैसले से नेपाल सरकार को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है, जबकि राजनयिक मिशनों और एजेंसियों पर वित्तीय बोझ बढ़ सकता है। इस बदलाव से कर्मचारियों के वेतन और भत्तों पर भी असर पड़ सकता है। सरकार ने इस संबंध में आवश्यक अधिसूचना जारी कर दी है और जल्द ही इसे लागू किया जाएगा।