नेपाल में इस मौसम में अब तक 339.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले 45 वर्षों का रिकॉर्ड है। जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, यह 1990 के पिछले रिकॉर्ड को पार कर गया है। प्री-मानसून की यह भारी वर्षा देश में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ा सकती है। अधिकारियों ने संभावित आपदाओं से निपटने के लिए तैयारी करने का आग्रह किया है। यह असामान्य वर्षा पैटर्न जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को भी दर्शाता है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर निगरानी रख रहा है और जनता को अपडेट जारी कर रहा है। इस वर्ष प्री-मानसून की वर्षा सामान्य से काफी अधिक रही है।