मध्य नेपाल में हाल ही में आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़ने के साथ ही, मृतकों की पहचान करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। शवगृहों में जगह की कमी है और वहां भारी भीड़ है, जिससे परिवार अपने लापता रिश्तेदारों को खोजने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। अधिकारियों को सड़ने वाले अवशेषों, सीमित फोरेंसिक विशेषज्ञता और कोल्ड स्टोरेज की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के कारण पीड़ितों की पहचान करने की प्रक्रिया धीमी हो गई है। सरकार और स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं, लेकिन शवों की पहचान एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है। स्थिति को देखते हुए, अतिरिक्त संसाधनों और विशेषज्ञों की आवश्यकता है ताकि मृतकों की पहचान जल्द से जल्द हो सके और परिवारों को closure मिल सके।