नेपाल में एक वृद्ध आश्रम में मलबे के नीचे चार घंटे बिताने के बावजूद, गुना माया बोहारा को बचाया गया। वह पिछले एक दशक से अधिक समय से वहीं रह रही थीं। यह घटना उनके जीवन का एक नया अध्याय है, जो दुख, लचीलापन और बनाए गए परिवार से भरा है। गुना माया की उम्र 97 साल है और उनकी यह कहानी जीवन शक्ति और साहस का प्रतीक है। बचावकर्मी उन्हें सुरक्षित निकालने में सफल रहे, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी। यह घटना प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बुजुर्गों की सुरक्षा पर भी प्रकाश डालती है। गुना माया का जीवन दूसरों के लिए प्रेरणादायक है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानते।