नेपाल ने हाल ही में आई भीषण बाढ़ के बाद बड़े उत्सर्जक देशों से 20 मिलियन अमेरिकी डॉलर मुआवज़े की मांग की है। इस बाढ़ के कारण 1,300 लोगों की जान चली गई थी और भारी तबाही हुई थी। नेपाल का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के लिए ज़िम्मेदार देशों को इस आपदा के लिए ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए। देश ने कहा है कि ये देश उत्सर्जन को कम करने में विफल रहने के कारण इस त्रासदी के लिए आंशिक रूप से जिम्मेदार हैं। नेपाल सरकार पीड़ितों को सहायता प्रदान करने और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए इस मुआवज़े का उपयोग करने की योजना बना रही है। यह मांग जलवायु परिवर्तन और इसके विनाशकारी प्रभावों के लिए विकसित देशों की जवाबदेही पर वैश्विक बहस को बढ़ावा दे सकती है। नेपाल की यह पहल अन्य जलवायु-संवेदनशील देशों के लिए एक मिसाल कायम कर सकती है।