नेपाल सरकार अभी तक राइड-हेलिंग सेवाओं के लिए नियमों को अंतिम रूप नहीं दे पाई है। महीनों से चल रही चर्चाओं के बावजूद, किराये की अधिकतम सीमा, कमीशन की दर और निजी पंजीकरण वाले वाहनों के उपयोग पर मतभेद बने हुए हैं। सरकार और सेवा प्रदाताओं के बीच इन मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है। डिजिटल मोबिलिटी रेगुलेशन को मंजूरी मिलने में देरी हो रही है, जिससे इस क्षेत्र में अनिश्चितता बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार, सरकार का उद्देश्य यात्रियों के हितों की रक्षा करना और उचित प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना है। इन नियमों का उद्देश्य डिजिटल परिवहन क्षेत्र को विनियमित करना और उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित तथा विश्वसनीय सेवाएं प्रदान करना है। उम्मीद है कि जल्द ही सरकार और सेवा प्रदाता एक समझौते पर पहुंचेंगे।