सप्तरी जिले के बिशनपुर में एक दलित परिवार के बारह सदस्यों को अभी तक नागरिकता नहीं मिल पाई है, भले ही उच्च न्यायालय ने उन्हें नागरिकता देने का आदेश दिया है। जन्म प्रमाण पत्र के अभाव में, वे शिक्षा और औपचारिक रोजगार जैसे बुनियादी अधिकारों से भी वंचित हैं। परिवार को बिना नागरिकता के रहने के कारण कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह मामला नेपाल में दलित समुदाय के सामने आने वाली नागरिकता प्राप्त करने की चुनौतियों को दर्शाता है। अदालत के आदेश के बावजूद नागरिकता नहीं मिल पाने से परिवार की स्थिति चिंताजनक है। अधिकारियों द्वारा आदेश का पालन न करने से परिवार के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना देश में कानून के शासन और मानवाधिकारों के सम्मान पर भी सवाल उठाती है।