नेपाल में जाली दस्तावेज़ों के आधार पर दस विदेशी नागरिकों को छात्र वीजा जारी किए गए हैं। इनमें आठ चीनी नागरिक, एक रूसी और एक दक्षिण कोरियाई नागरिक शामिल हैं। ये सभी बाल्मीकि कैंपस के नाम पर फर्जी दस्तावेज़ जमा करके एक साल के छात्र वीजा प्राप्त करने में सफल रहे। पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध और एक चीनी वीजा आवेदक को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि दस्तावेजों में हेराफेरी की गई थी। यह मामला नेपाल में वीजा प्रक्रिया की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। अधिकारियों का कहना है कि वे इस तरह के धोखाधड़ी के मामलों को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रहे हैं। आगे की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।