नेपाल में भूस्खलन आपदा के बाद, सरकार ने मेटा और टिकटॉक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से त्वरित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। अधिकारियों ने एआई-जनित वीडियो, धोखाधड़ी वाले दान क्यूआर कोड और परेशान करने वाली छवियों के प्रसार पर चिंता व्यक्त की है। ये सामग्री आपदा की त्रासदी का फायदा उठाकर प्रसारित की जा रही है। सरकार चाहती है कि प्लेटफ़ॉर्म इस तरह की ग्राफिक सामग्री और गलत सूचना को तुरंत हटाएं। यह कार्रवाई पीड़ितों की संवेदनशीलता और आपदा के दौरान सही जानकारी के प्रसार को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। अधिकारियों का मानना है कि सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे हानिकारक सामग्री को फैलने से रोकें और राहत प्रयासों में सहयोग करें। यह कदम आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भ्रम और भय को कम करने में मदद करेगा।