भारत और नेपाल ने सीमा पार भूमि अतिक्रमण के मुद्दे को हल करने के लिए एक संयुक्त पहल शुरू की है। दोनों देशों के सर्वेक्षण अधिकारियों ने आपसी सहमति से अगले तीन वर्षों में 1,880 किलोमीटर लंबी सीमा के पार कब्जे की गई भूमि का मानचित्रण करने का निर्णय लिया है। इस प्रक्रिया में हवाई छवियों का उपयोग किया जाएगा ताकि सटीकता सुनिश्चित की जा सके। यह कदम दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को कम करने में मदद करेगा। मानचित्रण कार्य से सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि यह एक महत्वपूर्ण कदम है और दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करेगा। यह सीमा पार भूमि विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का एक उदाहरण है।