नेपाल और चीन की सीमा पर हिमालई ग्लेशियर के ढहने से एक भीषण आपदा आई है। इस घटना में अब तक 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो गई है, और 5,600 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। नेपाल इस विनाशकारी घटना से उबरने की कोशिश कर रहा है। यह घटना ‘हिमालई त्सुनामी’ के रूप में वर्णित की जा रही है, जो ग्लेशियरों के पिघलने और जलवायु परिवर्तन के खतरे को दर्शाती है। बचाव कार्य जारी है, लेकिन लापता लोगों को खोजने की उम्मीद कम होती जा रही है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और सहायता कार्य शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है।