एक नए अध्ययन के अनुसार, नेपाल ने पिछले दो दशकों में किशोर गर्भावस्था और प्रसव में 35 प्रतिशत की कमी की है। यह उपलब्धि दक्षिण एशिया में उल्लेखनीय है, जहाँ यह दर अभी भी चिंताजनक रूप से उच्च है। नेपाल ने भारत जैसे कई निम्न और निम्न-मध्यम आय वाले देशों को भी पीछे छोड़ दिया है। यह कमी बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और जागरूकता अभियानों के कारण संभव हो पाई है। सरकार और गैर-सरकारी संगठनों के संयुक्त प्रयासों ने किशोरों में प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह सफलता अन्य विकासशील देशों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। नेपाल की यह प्रगति दर्शाती है कि उचित नीतियों और प्रयासों से किशोर गर्भावस्था को कम किया जा सकता है।