नेपाल सरकार ने पहले तो विदेशी सहायता लेने से इनकार किया था, लेकिन अब विदेशी नागरिकों के लापता होने के बढ़ते दबाव के कारण अपना फैसला बदल दिया है। अधिकारियों ने घोषणा की है कि अब अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को सुरंगों से बचाव कार्यों और शवों की पहचान करने में मदद करने की अनुमति दी जाएगी। यह यू-टर्न उन देशों के अनुरोध के बाद आया है जिनके नागरिक अभी भी लापता हैं। सरकार का कहना है कि यह निर्णय मानवीय सहायता और लापता लोगों को खोजने के प्रयासों को तेज करने के लिए आवश्यक है। बचाव कार्य में तेजी लाने और लापता लोगों के परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रति आभार व्यक्त किया है और उनके समर्थन की सराहना की है। यह घटना नेपाल में प्राकृतिक आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर भी सवाल उठाती है।