राष्ट्रीय संस्कृति महल (एनडीके) के राजस्व में 2025 में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, निदेशक मंडल के सदस्यों के वेतन लगभग दोगुने हो गए हैं, और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का वेतन पांच गुना बढ़ गया है। यह वृद्धि राजस्व में गिरावट के बीच हुई है, जिससे वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं। एनडीके के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग बढ़ रही है। आलोचकों का कहना है कि वेतन में इतनी बड़ी वृद्धि उचित नहीं है, खासकर जब संस्था वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है। इस मामले में आगे जांच की मांग की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सार्वजनिक धन का सही तरीके से उपयोग किया जा रहा है। एनडीके प्रबंधन ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है।