हाल ही में, ईरान द्वारा कथित तौर पर किए गए हमले में घायल हुए दो अमेरिकी सेना के पायलटों को अमेरिकी नौसेना ने एक समुद्री ड्रोन के माध्यम से बचाया। यह बचाव अभियान फारस की खाड़ी के पास हुआ और यह पहली बार था जब अमेरिकी नौसेना ने समुद्र में ड्रोन का उपयोग करके किसी बचाव अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना अमेरिकी नौसेना के संचालन में स्वायत्त प्रणालियों के बढ़ते महत्व को दर्शाती है। इस बचाव अभियान को दूर से संचालित किया गया था, जो ड्रोन तकनीक की क्षमता को प्रदर्शित करता है। यूक्रेन में रूस के आक्रमण के दौरान भी ड्रोन का उपयोग घायल सैनिकों को निकालने जैसे कार्यों में किया गया है। यह घटना भविष्य में नौसेना अभियानों में ड्रोन के बढ़ते उपयोग का संकेत देती है।