अंकारा में होने वाले आगामी नाटो शिखर सम्मेलन में तीखी बहस होने की संभावना है। अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ व्लास्तिस्लाव ब्रीज़ा के अनुसार, अमेरिका यूरोप पर कड़ा रुख अपनाएगा। चेक गणराज्य में राष्ट्रपति और सरकार के बीच शिखर सम्मेलन में प्रतिनिधित्व को लेकर चल रहा विवाद फिलहाल गौण है। अमेरिका नाटो सहयोगियों पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर सकता है। ब्रीज़ा ने चेतावनी दी है कि यूरोप को अमेरिका के इस दबाव का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। यह शिखर सम्मेलन यूरोप और अमेरिका के बीच संबंधों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।