नाटो सूत्रों के अनुसार, तीन नाटो सदस्य राष्ट्र – चेक गणराज्य, स्लोवेनिया और अल्बानिया – ने पिछले वर्ष रक्षा पर सहमत न्यूनतम खर्च नहीं किया। इन देशों को पहले ही अपनी रक्षा बजट को और बढ़ाने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन वे उस लक्ष्य को प्राप्त करने में विफल रहे हैं। यह नाटो के भीतर रक्षा व्यय को लेकर चल रही चिंताओं को दर्शाता है। नाटो सदस्य देशों से अपनी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का कम से कम 2% रक्षा पर खर्च करने की अपेक्षा की जाती है। इन तीन देशों का प्रदर्शन इस बेंचमार्क से कम रहा है। इस स्थिति से नाटो की सामूहिक सुरक्षा क्षमताओं पर सवाल उठ सकते हैं। नाटो इस मुद्दे को हल करने के लिए इन देशों के साथ बातचीत कर रहा है।
