सरकार ने राष्ट्रीय जल कार्य योजना शुरू की है जिसका उद्देश्य 2031 तक गैर-राजस्व जल को 47% से घटाकर 39.5% करना है। हालांकि, कार्यकर्ताओं ने इस योजना को "निराशाजनक" बताया है, क्योंकि इसमें स्पष्ट समय-सीमा, बजट और रणनीतियों का अभाव है। योजना में निजी ठेकेदारों पर अत्यधिक निर्भरता का भी खतरा है। इस योजना से जल आपूर्ति के तरीके में बदलाव आ सकता है, लेकिन इसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। कार्यकर्ता योजना में अधिक ठोस कदमों और सार्वजनिक निवेश की मांग कर रहे हैं। योजना का लक्ष्य जल संरक्षण और बेहतर वितरण है, लेकिन इसकी सफलता कार्यान्वयन पर निर्भर करेगी। यह योजना देश में जल संकट को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।

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