वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और मध्य पूर्व संकट के कारण बढ़ती अनिश्चितताओं ने राष्ट्रीय आर्थिक लचीलेपन को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। यह विषय 'इस्लामिक इकोनॉमिक आउटलुक 2026' के पैनल सत्र के दौरान चर्चा का मुख्य केंद्र रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि बाहरी झटकों से बचने के लिए घरेलू अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना अनिवार्य है। इस रणनीति का उद्देश्य वैश्विक बाजार की अस्थिरता के बीच देश की आर्थिक स्थिरता को बनाए रखना है। चर्चा में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि कैसे रणनीतिक योजनाएं भविष्य के आर्थिक जोखिमों को कम कर सकती हैं। अंततः, राष्ट्रीय आर्थिक मजबूती ही वैश्विक संकटों का सामना करने की कुंजी मानी जा रही है।
