सेउटा में उत्पन्न संकट की जाँच कर रही न्यायाधीश को राष्ट्रीय न्यायालय ने पूर्ण समर्थन दिया है। आंतरिक मंत्री मार्लस्का की शिकायत के बाद यह समर्थन व्यक्त किया गया है। न्यायालय ने एक सर्वसम्मति से पारित समझौते में कहा है कि न्यायाधीश की जाँच में राष्ट्रीय सुरक्षा में कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया है। यह निर्णय सेउटा में हुई अप्रत्याशित घटनाओं और उसके बाद राजनीतिक विवादों के बीच आया है। न्यायालय का यह रुख न्यायाधीश की निष्पक्षता और स्वतंत्रता को दर्शाता है। इस समर्थन से मामले की जाँच को लेकर उत्पन्न संदेहों को कम करने में मदद मिलेगी। उम्मीद है कि अब जाँच बिना किसी बाहरी दबाव के आगे बढ़ेगी।