नासा ऊपरी वायुमंडल की स्थितियों को बेहतर ढंग से समझने के लिए नई तकनीकों के विकास के लिए प्रस्ताव मांग रहा है। “ऑर्बिटल क्लैरिटी चैलेंज” का उद्देश्य वायुमंडलीय ड्रैग के कारण उपग्रहों की कक्षाओं में होने वाले बदलावों की भविष्यवाणी को और सटीक बनाना है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को उनकी नवीन अवधारणाओं के लिए ५ लाख डॉलर तक का पुरस्कार मिल सकता है। इसके अतिरिक्त, उन्हें अपनी तकनीकों का परीक्षण करने के लिए एक मुफ्त उड़ान का अवसर भी दिया जाएगा। नासा का यह प्रयास अंतरिक्ष में उपग्रहों की सुरक्षा और कुशल संचालन सुनिश्चित करने में मदद करेगा। यह चुनौती निजी कंपनियों और शोधकर्ताओं को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करती है। विजेता तकनीक भविष्य में अंतरिक्ष यात्रा और निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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