नासा के आर्टेमिस मिशन के नए दल में महिलाओं की अनुपस्थिति पर तीखी आलोचना हो रही है। नासा के प्रमुख ने इस आलोचना का जवाब दिया है, लेकिन अभी तक विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। आलोचकों का कहना है कि यह निर्णय लैंगिक समानता के सिद्धांतों के खिलाफ है और अंतरिक्ष अन्वेषण में महिलाओं के योगदान को कम आंकता है। आर्टेमिस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा पर मानव बस्ती स्थापित करना है, और इस महत्वपूर्ण परियोजना में महिलाओं की भागीदारी आवश्यक है। नासा प्रमुख ने भविष्य के मिशनों में विविधता लाने का आश्वासन दिया है, लेकिन वर्तमान दल की संरचना पर सवाल उठ रहे हैं। इस मुद्दे ने अंतरिक्ष उद्योग में लैंगिक प्रतिनिधित्व पर बहस को फिर से जन्म दिया है। भविष्य में नासा इस मामले को कैसे संबोधित करता है, यह देखा जाना बाकी है।