नारवा शहर परिषद की शुक्रवार को लगभग १२ घंटे चली बैठक में सत्ता संघर्ष के कारण गतिरोध उत्पन्न हो गया। बैठक के दौरान बार-बार प्रक्रियात्मक बाधाएं आईं, जिसके चलते कई बार स्थगन करना पड़ा और एजेंडा पर चर्चा आगे नहीं बढ़ पाई। परिषद सदस्यों ने तीन अविश्वास प्रस्ताव लाए, जो बैठक में तनाव को और बढ़ाते हैं। यह घटना नारवा शहर में चल रहे राजनीतिक अस्थिरता और सत्ता के लिए खींचतान को दर्शाती है। एजेंडा पर सहमति बनाने में विफलता के कारण महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी। विश्लेषकों का मानना है कि यह गतिरोध शहर के विकास कार्यों को प्रभावित कर सकता है। भविष्य में परिषद की कार्यवाही पर इसका असर देखने को मिल सकता है।