कुआलालंपुर में न्यायालय ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रज़ाक ने 1MDB घोटाले में अपनी भूमिका के लिए कभी पश्चाताप नहीं दिखाया। उन्होंने न तो अपनी गलती स्वीकार की और न ही ज़िम्मेदारी ली, बल्कि दूसरों पर दोष मढ़ने की कोशिश की। अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, नजीब ने घोटाले के लिए अपने अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों को ज़िम्मेदार ठहराया। यह मामला मलेशिया के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक है, जिसमें अरबों डॉलर की हेराफेरी का आरोप है। नजीब रज़ाक को इस मामले में दोषी ठहराया गया है और उन्हें जेल की सजा सुनाई जा चुकी है। न्यायालय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नजीब का पश्चाताप न जताना उनकी गैर-ज़िम्मेदारी को दर्शाता है। इस खुलासे से घोटाले की गंभीरता और नजीब की भूमिका पर एक बार फिर से प्रकाश पड़ता है।
