जर्मनी के कोच जूलियन नागेल्समैन ने कप्तान जोशुआ किमिच को दाएँ रक्षक के रूप में खिलाने का निर्णय लिया है, जो एक जोखिम भरा कदम माना जा रहा है। यह निर्णय कोटे डी आइवर (आइवरी कोस्ट) के तेज़तर्रार विंगर्स के खिलाफ़ टीम की रणनीति का परीक्षण करेगा। किमिच को इस नई भूमिका में अपनी गति और रक्षात्मक क्षमता का प्रदर्शन करना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रयोग सफल साबित हो सकता है, लेकिन आइवरी कोस्ट के खिलाड़ियों के लिए एक चुनौती भी पेश कर सकता है। नागेल्समैन का यह दांव टीम की लचीलापन और अनुकूलन क्षमता को दर्शाता है। इस मैच में किमिच की भूमिका पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह रणनीति जर्मनी के लिए फायदेमंद साबित होती है या नहीं।