म्यांमार के उत्तरी शान राज्य को स्थिर करने के उद्देश्य से वार्ता शुरू होने वाली है, जहाँ जुंटा अन्य क्षेत्रों में अपनी आक्रामक कार्रवाई जारी रखे हुए है। इस वार्ता में वा और कोकांग सेनाओं के जुंटा से जुड़ने की उम्मीद है। जातीय समूह राज्य की स्थिति और क्षेत्रीय मान्यता की मांग कर रहे हैं। यह वार्ता अशांत क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। जातीय समूहों द्वारा राजनीतिक मांगों को वार्ता का एक केंद्रीय बिंदु माना जा रहा है। इन मांगों को पूरा करने से क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता आ सकती है। सरकार और जातीय सशस्त्र समूहों के बीच संवाद जारी रखने का यह एक अवसर है।