मानवाधिकार समूह के अनुसार, म्यांमार में अभी भी ५,३०० से अधिक लोग अवैध कॉल सेंटर में कैद हैं। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में पाया गया है कि इन केंद्रों का संचालन विदेशी नागरिकों द्वारा किया जा रहा है, जिन्हें आपराधिक गिरोहों द्वारा तस्करी किया गया था। ये केंद्र पीड़ितों को जबरन ऑनलाइन घोटाले करने के लिए मजबूर करते हैं। पीड़ितों में विभिन्न देशों के नागरिक शामिल हैं, जिन्हें झूठे वादे देकर म्यांमार लाया गया था। रिपोर्ट में इन केंद्रों को बंद करने और पीड़ितों को बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान किया गया है। म्यांमार की सरकार पर इन आपराधिक गतिविधियों को रोकने और पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करने का दबाव बढ़ रहा है। यह मामला मानव तस्करी और साइबर अपराध से संबंधित गंभीर चिंताएं पैदा करता है।