म्यांमार में सैन्य शासन द्वारा आंग सान सू की की अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति (ICRC) से बैठक एक रणनीतिक चाल है। यह शासन की ओर से अंतर्राष्ट्रीय स्वीकृति हासिल करने का एक सस्ता तरीका है, न कि उसकी नीतियों में किसी भी तरह का बदलाव। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक किसी भी रियायत या नरम रुख का संकेत नहीं देती है। सैन्य शासन अपनी वैधता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय दबाव को कम करने की कोशिश कर रहा है। सू की के साथ बैठक को शासन द्वारा अपनी छवि सुधारने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। हालाँकि, जमीनी हकीकत अभी भी गंभीर है और मानवाधिकारों का उल्लंघन जारी है। यह बैठक म्यांमार की जटिल राजनीतिक स्थिति को दर्शाती है।