म्यांमार में शासन ने बिजली की गंभीर कमी के कारण बिजली की राशनिंग लागू की है। यह उपाय आने वाले वर्ष तक लागू रहने की संभावना है। इस योजना के तहत, बिजली की उपलब्धता को प्रतिदिन 12 घंटे तक सीमित कर दिया जाएगा, और यह क्रमबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। यह कदम देश में ऊर्जा संकट से निपटने के लिए उठाया गया है। राशनिंग से उद्योगों और घरों दोनों पर असर पड़ने की उम्मीद है। सरकार ने स्थिति को सुधारने के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया है, लेकिन तत्काल समाधान की कोई स्पष्ट समय-सीमा नहीं दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि राशनिंग से आर्थिक गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।