मलेशिया में रह रहे म्यांमार के नागरिकों को गिरफ्तारी और म्यांमार वापस भेजे जाने का डर है। इस सप्ताह की शुरुआत में, लगभग 1,500 शरणार्थियों ने तीन जंटा नौसैनिक जहाजों पर सवार होकर यांगून के लिए मलेशिया छोड़ा। कई लोग इस वापसी के बाद अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। यह घटना म्यांमार में चल रहे राजनीतिक संकट और शरणार्थियों की दुर्दशा को उजागर करती है। ये नागरिक म्यांमार की सैन्य सरकार से बचने के लिए मलेशिया में शरण लेने आए थे। अब उन्हें वापस भेजे जाने से उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस कदम से मानवाधिकार संगठनों ने भी चिंता जताई है।