संयुक्त राष्ट्र की जाँच में पाया गया है कि म्यांमार की सेना ने अपने धोखाधड़ी वाले चुनाव से पहले नागरिकों पर हवाई हमलों की तीव्रता बढ़ा दी थी। ये हमले लगातार जारी हैं और स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। जांचकर्ताओं ने पाया कि सेना ने चुनावों से पहले नागरिकों को निशाना बनाया, जिससे म्यांमार में नागरिक सुरक्षा और मानवाधिकारों की स्थिति और खराब हो गई। इन हमलों से आम नागरिकों के जीवन और संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है। संयुक्त राष्ट्र ने इस हिंसा की निंदा की है और सेना से तत्काल हमलों को रोकने का आग्रह किया है। यह रिपोर्ट म्यांमार में चल रहे संघर्ष की गंभीरता को उजागर करती है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करती है। इन हवाई हमलों से म्यांमार में अस्थिरता और मानवीय संकट गहरा गया है।