म्यांमार में सैन्य शासन ने चीनी वस्तुओं के परिवहन पर प्रतिबंध कड़ा कर दिया है। व्यापारियों और चालकों के अनुसार, शासन ने उन क्षेत्रों में माल की आवाजाही को रोकने के प्रयास बढ़ा दिए हैं जो जातीय सशस्त्र समूहों के नियंत्रण में हैं। यह कदम सीमा पार व्यापार पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि यह कार्रवाई जातीय समूहों पर दबाव बनाने और अपनी शक्ति स्थापित करने का प्रयास है। इस प्रतिबंध से दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में तनाव बढ़ सकता है। फिलहाल, स्थिति अनिश्चित बनी हुई है और आगे क्या होता है यह देखना होगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर असर पड़ने की संभावना है।