म्यांमार की सैन्य सरकार ने चीन में पहली आधिकारिक जेड (jade) की बिक्री शुरू कर दी है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब शासन पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध कड़े हो रहे हैं और देश में संघर्ष जारी है। इस बिक्री से जंटा को राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है, जबकि चीन के खरीदारों के बीच सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी मौजूद हैं। यह बिक्री पश्चिमी देशों द्वारा म्यांमार पर लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद हो रही है, जिनका उद्देश्य सैन्य सरकार पर दबाव डालना है। जेड म्यांमार का एक प्रमुख निर्यात है और इसकी बिक्री से अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण समर्थन मिल सकता है। हालांकि, यह बिक्री मानवाधिकारों और संघर्ष से प्रभावित समुदायों के लिए भी चिंता का विषय है। इस कदम से यह सवाल भी उठता है कि क्या चीन म्यांमार की सैन्य सरकार को आर्थिक सहायता प्रदान करना जारी रखेगा।