म्यांमार की सेना ने रखाइन राज्य में एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत रोहिंग्या समुदाय को जबरन भर्ती किया जाएगा। इस आदेश के अनुसार, सिट्टवे के आसपास के रोहिंग्या समुदायों को बारी-बारी से भर्ती के लिए लोगों को भेजना होगा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह आदेश पहले से ही अनौपचारिक रूप से लागू था और हजारों रोहिंग्या लोगों को सेना में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा रहा था। अब इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है, जिससे समुदाय और भी अधिक खतरे में आ गया है। यह कदम रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ मानवाधिकारों का उल्लंघन है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसकी निंदा की जा रही है। इस भर्ती से क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है। यह आदेश रोहिंग्या समुदाय पर पहले से ही मौजूद दबाव को और बढ़ा देगा।