सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने वाली कंपनी 'माई कम्युनिटी' राष्ट्रीय कला परिषद को भारी भरकम राशि, लगभग ₹2.7 करोड़ (330,000 अमेरिकी डॉलर) का भुगतान करने में विफल रही है। यह बकाया राशि सांस्कृतिक मिलान निधि (Cultural Matching Fund) से प्राप्त अनुदान के संबंध में है, जो दानदाताओं द्वारा दान की गई राशि का मिलान करती है। यह निधि निजी दान को प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई थी, जिसका उद्देश्य कला और संस्कृति के क्षेत्र में काम करने वाली चैरिटी संस्थाओं की सहायता करना है। 'माई कम्युनिटी' की वित्तीय स्थिति नासाज़ है और वह अपने दायित्वों को पूरा करने में संघर्ष कर रही है। इस मामले ने विरासत को संरक्षण देने वाले संगठनों की वित्तीय स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिषद अब इस बकाया राशि की वसूली के तरीकों पर विचार कर रही है। यह घटना सांस्कृतिक परियोजनाओं के लिए फंडिंग व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी प्रकाश डालती है।