शुक्रवार को सूरह अल-कहफ़ पढ़ना पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की एक महत्वपूर्ण सुन्नत है। इस्लामी विद्वानों के अनुसार, इस सूरह को पढ़ने का समय शुक्रवार की नमाज़ से पहले शुरू होता है और सूर्यास्त तक जारी रहता है। कुछ विद्वानों का मानना है कि सूर्यास्त के बाद पढ़ना भी मान्य है, लेकिन शुक्रवार की रात तक इसे पूरा करना बेहतर है। यह सूरह कुरान के 18वें अध्याय में स्थित है और इसमें महत्वपूर्ण शिक्षाएं और मार्गदर्शन शामिल हैं। सूरह अल-कहफ़ पढ़ने से अल्लाह की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह अभ्यास मुसलमानों के बीच व्यापक रूप से प्रचलित है और इसे आध्यात्मिक लाभ के लिए किया जाता है।
