एलोन मस्क की कंपनी x-AI द्वारा विकसित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ‘ग्रोक’ का इस्तेमाल ईरान पर हालिया हमले में किया गया। यह जानकारी पेंटागन के एक उच्च अधिकारी द्वारा अदालत में दिए गए बयान में सामने आई है। यह बयान मेम्फिस शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक विशाल डेटा सेंटर - कोलोसस 2 - के पर्यावरण संबंधी मुकदमे के संदर्भ में दिया गया था। मस्क की कंपनी पर डेटा सेंटर को बिजली देने वाले गैस टर्बाइनों से प्रदूषण फैलाने का आरोप है। पेंटागन का तर्क है कि चैटबॉट का संचालन राष्ट्रीय सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण मामला है। ‘द इंडिपेंडेंट’ के अनुसार, ‘ग्रोक’ ने 96 घंटों में 2,000 से अधिक लक्ष्यों पर 2,000 से अधिक गोला-बारूद दागे। इस खुलासे से डेटा सेंटर के पर्यावरणीय प्रभाव और एआई के सैन्य उपयोग पर सवाल उठ रहे हैं।
